Senior Citizen Railway – भारतीय रेलवे प्रशासन ने देशभर के बुजुर्ग नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। वर्ष 2026 में रेलवे ने वरिष्ठ यात्रियों के लिए किराया रियायत और अन्य यात्रा सुविधाओं को पुनः लागू करने का निर्णय लिया है। कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2020 में इन सुविधाओं को स्थगित कर दिया गया था, लेकिन अब लगभग पांच वर्षों के अंतराल के बाद इन्हें फिर से शुरू किया जा रहा है।
यह पहल सरकार की वरिष्ठ नागरिक कल्याण योजना का एक अहम हिस्सा है। इस व्यवस्था से देश के करोड़ों बुजुर्ग यात्रियों को रेल यात्रा में आर्थिक राहत मिलेगी। साथ ही उन्हें यात्रा के दौरान अधिक सुरक्षा और आराम भी सुनिश्चित होगा। यह कदम विशेष रूप से उन बुजुर्गों के लिए लाभदायक होगा जो नियमित रूप से लंबी दूरी की यात्रा करते हैं।
महामारी के दौरान स्थगन और अब पुनः शुरुआत
मार्च 2020 में जब पूरा देश कोरोना वायरस की चपेट में आया, तब रेलवे प्रशासन ने वित्तीय बोझ कम करने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के उद्देश्य से कई रियायती योजनाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। इनमें बुजुर्गों के लिए किराया छूट भी शामिल थी। अब जब स्थिति सामान्य हो चुकी है, तब रेलवे ने इन सुविधाओं को 2025-2026 में चरणबद्ध तरीके से बहाल करने का फैसला किया है।
नई नीति के अंतर्गत पुरुष नागरिकों को साठ वर्ष की आयु पूर्ण होने पर किराया रियायत का लाभ मिलेगा। वहीं महिला यात्रियों और ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों के लिए यह सीमा अट्ठावन वर्ष निर्धारित की गई है। छूट की दर लगभग चालीस से पचास प्रतिशत के बीच रहेगी, जो यात्रा की श्रेणी और दूरी पर निर्भर करेगी।
यह रियायत मेल एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, दुरंतो एक्सप्रेस समेत अधिकांश प्रमुख ट्रेनों में उपलब्ध रहेगी। हालांकि कुछ विशेष श्रेणी की ट्रेनों में अलग नियम लागू हो सकते हैं, जिसकी जानकारी यात्रा से पूर्व प्राप्त करना आवश्यक है।
पात्रता मानदंड और जरूरी शर्तें
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आयु की शर्त पूरी करना आवश्यक है। साठ वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुष और अट्ठावन वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएं तथा ट्रांसजेंडर व्यक्ति इसके पात्र हैं। यात्रा के समय आयु का वैध प्रमाण दिखाना अनिवार्य होगा। यदि प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया तो पूर्ण किराया देना होगा।
इस योजना में आय की कोई सीमा तय नहीं की गई है। इसका मतलब है कि किसी भी आर्थिक वर्ग के वरिष्ठ नागरिक इसका फायदा ले सकते हैं। टिकट आरक्षण के वक्त सही उम्र दर्ज करना और सीनियर सिटीजन का विकल्प चुनना जरूरी होगा। गलत जानकारी देने पर दंड का प्रावधान भी है, इसलिए सटीक विवरण देना महत्वपूर्ण है।
निचली बर्थ आवंटन की प्राथमिकता व्यवस्था
किराया रियायत के अतिरिक्त, रेलवे ने बुजुर्ग यात्रियों को निचली बर्थ देने की प्राथमिकता भी बहाल की है। बढ़ती उम्र में ऊपरी बर्थ पर चढ़ना-उतरना कठिन हो जाता है, इस समस्या को समझते हुए यह सुविधा दी गई है। हालांकि यह सुविधा सीटों की उपलब्धता के आधार पर मिलेगी।
रेलवे ने प्रत्येक कोच में कुछ बर्थें विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित रखी हैं। बुकिंग के समय यदि सीनियर सिटीजन का विकल्प चुना जाता है, तो सिस्टम स्वचालित रूप से निचली बर्थ आवंटित करने का प्रयास करता है। यह व्यवस्था बुजुर्गों की यात्रा को अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनाती है।
रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध अतिरिक्त सहायता सेवाएं
वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेलवे स्टेशनों पर कई अन्य सुविधाएं भी मौजूद हैं। व्हीलचेयर सेवा, बैटरी से चलने वाली गाड़ियां और स्टेशन पर सहायक कर्मचारी उपलब्ध रहते हैं। बुजुर्ग यात्री चाहें तो प्लेटफॉर्म पर पहुंचने से लेकर ट्रेन में सवार होने तक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
लंबी दूरी की यात्राओं में किराया छूट से हजारों रुपये की बचत संभव है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई बुजुर्ग यात्री वातानुकूलित श्रेणी में लंबी दूरी की यात्रा करता है, तो उसे पर्याप्त आर्थिक राहत मिल सकती है। यह सुविधा स्लीपर क्लास से लेकर एसी फर्स्ट क्लास तक लगभग सभी श्रेणियों में लागू रहेगी।
आवश्यक दस्तावेज और प्रमाण पत्र
टिकट बुकिंग के समय केवल आयु दर्ज करनी होती है, लेकिन यात्रा के दौरान आयु प्रमाण पत्र साथ रखना अनिवार्य है। आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, पैन कार्ड अथवा ड्राइविंग लाइसेंस को मान्य दस्तावेज माना जाता है। ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए सरकार द्वारा जारी पहचान प्रमाण पत्र भी मान्य होगा।
यदि कोई यात्री गलत जानकारी प्रदान करता है या यात्रा के दौरान उचित दस्तावेज नहीं दिखा पाता है, तो टीटीई या रेलवे अधिकारी उससे पूरा किराया वसूल सकते हैं। इसके अलावा जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इसलिए सभी दस्तावेज अद्यतन और स्पष्ट रूप से पठनीय होने चाहिए।
टिकट आरक्षण की सरल प्रक्रिया
इस सुविधा के लिए किसी अलग से पंजीकरण या आवेदन की जरूरत नहीं है। यात्री आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से सामान्य तरीके से टिकट बुक कर सकते हैं। बुकिंग फॉर्म में अपनी सही उम्र भरें और सीनियर सिटीजन का विकल्प चुनें। छूट स्वतः लागू हो जाएगी और कम किराया दिखाई देगा।
रेलवे काउंटर से टिकट खरीदने पर भी आयु प्रमाण दिखाकर यह लाभ लिया जा सकता है। बुकिंग एजेंट को अपनी पात्रता के बारे में सूचित करें और वे उचित छूट लागू करेंगे। यदि कोई समस्या आती है तो स्टेशन मास्टर या वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।
यात्रा से पूर्व ध्यान देने योग्य महत्वपूर्ण बातें
टिकट बुक करने से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम नियम और शर्तें जांच लेना उचित रहता है। कभी-कभी विशेष ट्रेनों या त्योहारों के दौरान नियमों में बदलाव हो सकता है। उम्र में गलती करने पर जुर्माना लग सकता है, इसलिए सावधानी बरतें। चार्ट तैयार होने के बाद बर्थ में परिवर्तन संभव नहीं होता, इसलिए शुरू में ही सही विकल्प चुनना महत्वपूर्ण है।
यदि परिवार या समूह में यात्रा कर रहे हैं और एक से अधिक सदस्य वरिष्ठ नागरिक हैं, तो सभी अलग-अलग छूट का लाभ ले सकते हैं। प्रत्येक पात्र यात्री को व्यक्तिगत रूप से रियायत मिलेगी। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए रेलवे की हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क किया जा सकता है, जो चौबीसों घंटे उपलब्ध रहती है।
भारतीय रेलवे द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए इन सुविधाओं की बहाली एक सराहनीय कदम है। किराया छूट और निचली बर्थ की प्राथमिकता से बुजुर्ग यात्रियों का सफर न केवल किफायती बल्कि अधिक सुविधाजनक भी होगा। पात्रता के नियम सरल हैं और प्रक्रिया भी जटिल नहीं है।
इस पहल से देशभर के लाखों वरिष्ठ नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। वे बिना आर्थिक चिंता के अपने परिवार से मिलने, तीर्थयात्रा करने या अन्य जरूरी कामों के लिए यात्रा कर सकेंगे। यह योजना समाज के इस महत्वपूर्ण वर्ग के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती है।









