Senior Citizen Railway – भारत में बुजुर्गों को हमेशा से समाज का आधार स्तंभ माना जाता रहा है। उनके अनुभव, ज्ञान और योगदान को देखते हुए सरकारी संस्थाएं समय-समय पर उनके लिए विशेष सुविधाएं प्रदान करती रही हैं। इसी कड़ी में भारतीय रेलवे ने एक ऐसा कदम उठाया है जिससे देश के करोड़ों बुजुर्ग नागरिकों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई है। रेलवे प्रशासन ने वर्ष 2026 में वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेल किराए में छूट की सुविधा को एक बार फिर से लागू करने की घोषणा की है।
यह निर्णय उन लाखों बुजुर्ग यात्रियों के लिए राहत की सांस लेकर आया है जो पिछले कई वर्षों से इस सुविधा के बंद होने के कारण पूरा किराया चुकाने पर विवश थे। वर्ष 2020 में जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी की चपेट में आई, तब भारतीय रेलवे को भी अपनी अनेक सेवाओं में कटौती करनी पड़ी थी। उसी दौरान वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली किराया रियायत को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था। अब छह वर्षों के लंबे इंतजार के बाद यह सुविधा पुनः बहाल की जा रही है।
महामारी के समय भारतीय रेलवे को अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा था। ट्रेनें बंद थीं, यात्री संख्या शून्य के करीब थी और राजस्व में भारी गिरावट आई थी। ऐसे कठिन समय में रेलवे ने विभिन्न श्रेणियों की रियायतें रोककर अपनी आर्थिक स्थिति को संभालने का प्रयास किया था। किंतु अब जब परिस्थितियां सामान्य हो चुकी हैं और रेलवे की वित्तीय स्थिति में सुधार आया है, तब प्रशासन ने बुजुर्गों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए यह सकारात्मक निर्णय लिया है।
नई व्यवस्था के अंतर्गत पुरुष वरिष्ठ नागरिकों के लिए न्यूनतम आयु सीमा 60 वर्ष निर्धारित की गई है। वहीं महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के मामले में यह आयु सीमा 58 वर्ष रखी गई है। यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है क्योंकि महिलाओं की औसत आयु अपेक्षाकृत अधिक होती है और उन्हें जल्दी इस लाभ का अधिकार मिलना चाहिए। इस नीति से समाज के विभिन्न वर्गों के बुजुर्गों को समान रूप से लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
किराए में मिलने वाली छूट की बात करें तो यह लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक हो सकती है। यह प्रतिशत यात्रा की श्रेणी और दूरी के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। लंबी दूरी की यात्रा में यह छूट यात्री की जेब पर काफी सकारात्मक प्रभाव डालेगी। उदाहरण के तौर पर यदि किसी बुजुर्ग को दिल्ली से मुंबई जाना हो तो उन्हें सामान्य किराए की तुलना में लगभग आधी राशि में टिकट मिल सकता है, जो उनके लिए निश्चित रूप से एक बड़ी बचत होगी।
यह सुविधा देश की प्रमुख ट्रेनों में लागू की जाएगी, जिनमें मेल एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस और दुरंतो एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं। इन ट्रेनों में देश के अधिकांश बड़े शहरों के बीच यात्रा होती है और बुजुर्ग यात्री अक्सर इन्हीं ट्रेनों का उपयोग करते हैं। इस छूट के मिलने से वे अपने परिजनों से मिलने, तीर्थयात्रा करने या चिकित्सा उद्देश्यों के लिए बिना किसी आर्थिक बोझ के यात्रा कर सकेंगे।
बुजुर्ग यात्रियों की शारीरिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने एक और महत्वपूर्ण सुविधा की भी घोषणा की है। अधिक उम्र में ऊपर चढ़ना और उतरना कठिन होता है, इसलिए रेलवे ने सीनियर सिटीजन यात्रियों को निचली बर्थ देने की प्राथमिकता फिर से सुनिश्चित की है। बुकिंग के समय यदि यात्री वरिष्ठ नागरिक का विकल्प चुनता है, तो सिस्टम स्वतः ही उन्हें निचली बर्थ आवंटित करने का प्रयास करता है। यद्यपि यह उपलब्धता पर निर्भर रहेगा, फिर भी इससे बुजुर्ग यात्रियों की यात्रा काफी सुगम हो जाएगी।
टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को अत्यंत सरल रखा गया है ताकि बुजुर्ग नागरिकों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए कोई अलग पंजीकरण या आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। यात्री आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल एप्लिकेशन अथवा नजदीकी रेलवे टिकट काउंटर पर जाकर आसानी से टिकट बुक कर सकते हैं। बुकिंग के दौरान अपनी सही आयु दर्ज करना अनिवार्य है ताकि छूट का लाभ स्वतः प्रदान हो सके।
यात्रा के दौरान वैध पहचान पत्र साथ रखना जरूरी है। इसमें आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कोई भी पहचान दस्तावेज मान्य होगा। यदि कोई यात्री गलत जानकारी देकर अनुचित लाभ उठाने की कोशिश करता है तो उस पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जा सकता है। इसलिए सभी यात्रियों से अपील की जाती है कि वे टिकट बुकिंग में सही और प्रामाणिक जानकारी ही प्रदान करें।
स्टेशनों पर भी बुजुर्ग यात्रियों के लिए कई सहायक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। व्हीलचेयर सेवा, सहायक कर्मचारी और विशेष प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं वरिष्ठ नागरिकों की यात्रा को और भी आरामदायक बनाती हैं। किसी भी समस्या या जानकारी के लिए रेलवे की हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क किया जा सकता है, जो चौबीसों घंटे उपलब्ध रहती है।
इस पहल का सामाजिक महत्व अत्यंत गहरा है। बुजुर्ग नागरिक जिन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा देश और समाज के निर्माण में लगाया है, उन्हें यात्रा में आर्थिक सहायता मिलना एक सम्मानजनक कदम है। यह सुविधा उन्हें देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों, पर्यटन केंद्रों और अपने परिवारजनों के पास जाने में सक्षम बनाएगी। भारतीय रेलवे का यह निर्णय न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक और मानवीय दृष्टि से भी एक सराहनीय पहल है, जो लाखों बुजुर्ग नागरिकों के जीवन को अधिक सुखमय और गतिशील बनाने में सहायक सिद्ध होगी।









